Home » Children Story » Hindi Moral Story “Moorkh Ghoda”, “मूर्ख घोड़ा” for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

Hindi Moral Story “Moorkh Ghoda”, “मूर्ख घोड़ा” for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

मूर्ख घोड़ा

Moorkh Ghoda

किसी जंगल में एक घोडा रहता था, जहाँ पर घोडा रहता था वहां बहुत सारी हरी हरी घास उगी हुई थी, यह घास बहुत स्वादी और रसीली थी, घोडा यह घास बहुत चाव से खाता था, घोड़े की जिंदगी आराम से बीत रही थी, एक दिन वहां एक हाथी घूमता हुआ आ गया, हाथी को कोमल घास में चलने में बहुत मजा आ रहा था, उसी घास में वह लोटनी खाने लगा, हरी घास को टूटता हुआ देख कर घोडा बहुत दुखी हुआ, हाथी को वह जगह बेहद पसंद आगई थी, इसी कारण से वह कहीं जानेका नाम ही नहीं ले रहा था, घोडा सोचता रहता था कि हाथी को यहाँ से कैसे भगाया जाये, हाथी का सब से बड़ा शत्रु है शेर! शेर की ही मदद ली जाय तो? पर कहीं वह शेर मुझे ही खा गया तो? उसके बदले मनुष्य की सहायता ली जाय तो कैसा रहेगा, ऐसा सोच कर घोडा मनुष्य के पास गया, उसने मनुष्य को सारी बात बताई कि कैसे हाथी हरी हरी घास को ख़राब कर रहा है, मनुष्य ने कहा सिर्फ हाथी को मारना है, तुम्हारा ये कम में कर दूंगा पर इसके लिए तुम्हें मेरी मदद करनी होगी, अगर हाथी अपनी जान बचाने के लिए भागा तो मुझे उसका पीछा करना पड़ेगा,

उसके लिए मुझे तुम्हारी पीठ पर बैठ कर दौड़ना पड़ेगा, घोडा उत्त्साह में बोला अगर हाथी मरता है तो जो तुम कहोगे में करने को तयार हूँ, अब मनुष्य ने घोड़े की सवारी करने के लिए घोड़े की पीठ पर जीन बांधा और मुंह में लगाम डाल दी, फिर उसने अपने धनुष और बाण लिए और घोड़े पर सवार हो गया, घोड़े को टक टक करके भगाया, मनुष्य को घोड़े की पीठ पर बैठ कर चलना बहुत अच्छा लगा, कुछ ही देर में वे दोनों हाथी के पास पहुंचे, हाथी आखें फाड़ फाड़ कर देखने लगा घोड़े की पीठ पर ये नवीन प्राणी कौन है भला, इतने में मनुष्य ने हाथी पर निशाना लगाकर जहरीले बाण चलाने शुरू कर दिए, बाण के लगते ही हाथी यहां वहां भागने लगा, आखिर कार हाथी गिर पड़ा, जहर के कारन हाथी को अपनी जान गवानी पड़ी, घोड़े ने मनुष्य से कहा कि मैं तुम्हारा मन से धन्यवाद करता हूँ, अब तुम नीचे उतरो और यह जीन और लगाम उतार लो, अब मुझे मुक्त कर दो, यह सुनकर मनुष्य जोर जोर से हसने लगा फिर घोड़े से कहा मुक्त होने की आशा तुम हमेसा के लिए छोड़ दो, उसी में भलाई है, उसदिन से घोडा मनुष्य का गुलाम बन गया, इस लिए बिना सोचे समझे किसी पर विस्वास नहीं करना चाहिए.

Related posts:

English Short, Moral Story “The Proud Boy" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, compet...
Moral Story
English Short, Moral Story “Building Your House” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, ...
Short Story
English Short Moral Story “Baby Camel and Mother” Inspirational Story for Kids and Students of Class...
Moral Story
English Short, Moral Story “The wind and the sun" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10,...
Moral Story
English Short, Moral Story “The Jackal and The War Drum" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8,...
Moral Story
English Short, Moral Story “The little mice and the big elephants" for Kids and Children for Class 5...
Moral Story
English Moral Story "What does a Woman really want?" for Kids, Full length Educational Story for Stu...
Children Story
Hindi Moral Story "Shatru Ki Kamjori", "शत्रु की कमजोरी” for Kids, Full length Educational Story for...
Children Story
English Short, Moral Story “Elephant and Friends" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10,...
Short Story
English Inspirational Story “No Failure, Only Results” Bedtime Moral Story for kids and Students.
Moral Story
Akbar-Birbal Hindi Moral Story "Unth ki Gardan", "ऊँट की गर्दन" for Kids, Educational Story for Stud...
Children Story
Short Story "Go By Heart" for Children, moral story for kids in English for competition with moral v...
Children Story
Hindi Moral Story “Swavlamban ki Bhawna”, “स्वावलम्बन की भावना” for Kids, Full length Educational St...
Children Story
English Short Moral Story “The Elephant Rope” Inspirational Story for Kids and Students of Class 5, ...
Moral Story
Short Story "The Fox and The Grapes" for Children, moral story for kids in English for competition w...
Children Story
English Moral Story "Tiger and heron" for Kids, Full length Educational Story for Students of Class ...
Children Story
English Short, Moral Story “Beware of mean friends" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 1...
Moral Story
Moral Story "Giving Advice " for Kids and Children, English Story for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, compe...
Children Story
Hindi Moral Story “Chatur Kova”, “चतुर कौआ” for Kids, Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.
Children Story
Short Story " The Ant and the Grasshopper" for Children, moral story for kids in English for competi...
Children Story

About

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.