Home » Children Story » Hindi Moral Story “Ekta mein Bal hai”, “एकता मे बल है” for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

Hindi Moral Story “Ekta mein Bal hai”, “एकता मे बल है” for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

एकता मे बल है

Ekta mein Bal hai

एक समय की बात हैं कि कबूतरों का एक दल आसमान में भोजन की तलाश में उडता हुआ जा रहा था। गलती से वह दल भटककर ऐसे प्रदेश के ऊपर से गुजरा, जहां भयंकर अकाल पडा था। कबूतरों का सरदार चिंतित था। कबूतरों के शरीर की शक्ति समाप्त होती जा रही थी। शीघ्र ही कुछ दाना मिलना जरुरी था। दल का युवा कबूतर सबसे नीचे उड रहा था। भोजन नजर आने पर उसे ही बाकी दल को सुचित करना था। बहुत समय उडने के बाद कहीं वह सूखाग्रस्त क्षेत्र से बाहर आया। नीचे हरियाली नजर आने लगी तो भोजन मिलने की उम्मीद बनी। युवा कबूतर और नीचे उडान भरने लगा। तभी उसे नीचे खेत में बहुत सारा अन्न बिखरा नजर आया “चाचा, नीचे एक खेत में बहुत सारा दाना बिखरा पडा हैं। हम सबका पेट भर जाएगा।’ सरदार ने सूचना पाते ही कबूतरों को नीचे उतरकर खेत में बिखरा दाना चुनने का आदेश दिया।

 

सारा दल नीचे उतरा और दाना चुनने लगा। वास्तव में वह दाना पक्षी पकडने वाले एक बहलिए ने बिखेर रखा था। ऊपर पेड पर तना था उसका जाल। जैसे ही कबूतर दल दाना चुगने लगा, जाल उन पर आ गिरा। सारे कबूतर फंस गए। कबूतरों के सरदार ने माथा पीटा “ओह! यह तो हमें फंसाने के लिए फैलाया गया जाल था। भूख ने मेरी अक्ल पर पर्दा डाल दिया था। मुझे सोचना चाहिए था कि इतना अन्न बिखरा होने का कोई मतलब हैं। अब पछताए होत क्या, जब चिडिया चुग गई खेत?” एक कबूतर रोने लगा “हम सब मारे जाएंगे।” बाकी कबूतर तो हिम्मत हार बैठे थे, पर सरदार गहरी सोच में डूबा था। एकाएक उसने कहा “सुनो, जाल मजबूत हैं यह ठीक हैं, पर इसमें इतनी भी शक्ति नहीं कि एकता की शक्ति को हरा सके। हम अपनी सारी शक्ति को जोडे तो मौत के मुंह में जाने से बच सकते हैं।” युवा कबूतर फडफडाया “चाचा! साफ-साफ बताओ तुम क्या कहना चाहते हो। जाल ने हमें तोड रखा हैं, शक्ति कैसे जोडे?” सरदार बोला “तुम सब चोंच से जाल को पकडो, फिर जब मैं फुर्र कहूं तो एक साथ जोर लगाकर उडना।” सबने ऐसा ही किया।

 

तभी जाल बिछाने वाला बहेलियां आता नजर आया। जाल में कबूतर को फंसा देख उसकी आंखें चमकी। हाथ में पकडा डंडा उसने मजबूती से पकडा व जाल की ओर दौडा। बहेलिया जाल से कुछ ही दूर था कि कबूतरों का सरदार बोला “फुर्रर्रर्र!” सारे कबूतर एक साथ जोर लगाकर उडे तो पूरा जाल हवा में ऊपर उठा और सारे कबूतर जाल को लेकर ही उडने लगे। कबूतरों को जाल सहित उडते देखकर बहेलिया अवाक रह गया। कुछ संभला तो जाल के पीछे दौडने लगा। कबूतर सरदार ने बहेलिए को नीचे जाल के पीछे दौडते पाया तो उसका इरादा समझ गया। सरदार भी जानता था कि अधिक देर तक कबूतर दल के लिए जाल सहित उडते रहना संभव न होगा। पर सरदार के पास इसका उपाय था। निकट ही एक पहाडी पर बिल बनाकर उसका एक चूहा मित्र रहता था। सरदार ने कबूतरों को तेजी से उस पहाडी की ओर उडने का आदेश दिया। पहाडी पर पहुंचते ही सरदार का संकेत पाकर जाल समेत कबूतर चूहे के बिल के निकट उतरे। सरदार ने मित्र चूहे को आवाज दी। सरदार ने संक्षेप में चूहे को सारी घटना बताई और जाल काटकर उन्हें आजाद करने के लिए कहा। कुछ ही देर में चूहे ने वह जाल काट दिया। सरदार ने अपने मित्र चूहे को धन्यवाद दिया और सारा कबूतर दल आकाश की ओर आजादी की उडान भरने लगा।

Related posts:

English Short, Moral Story “The White Elephant" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, c...

Short Story

English Short Moral Story “A Pound of Butter” Inspirational Story for Kids and Students of Class 5, ...

Moral Story

Akbar-Birbal English Moral Story "Birbal The Wise Man" for Kids, Educational Story for Students of c...

Short Story

English Short, Moral Story “A Sense of A Goose” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, c...

Short Story

English Inspirational Story “A Solution to Marital Problems” Moral Story for kids and Students.

Moral Story

English Short, Moral Story “Rightful Heir for Kingdom” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9...

Moral Story

English Short, Moral Story “Reflection of Oneself” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10...

Moral Story

Hindi Moral Story “Kova aur Lomdi”, “कौआ और लोमड़ी” for Kids, Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

Moral Story

English Inspirational Story “Optimism is Key” Moral Story for kids and Students.

Moral Story

English Essay, Moral Story “Four Wives” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, competiti...

Short Story

English Short, Moral Story “The Wolf in Sheep’s Clothing” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8...

Short Story

Moral Story "Something More Valuable " for Kids and Children, English Story for Class 5, 6, 7, 8, 9,...

Children Story

English Inspirational Story "Emulate Lincoln's Humility" Moral Story for kids and Students.

Moral Story

English Inspirational Story "Renouncing the World" Moral Story for kids and Students.

Moral Story

English Short, Moral Story “The Sun and The Wind" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10,...

Moral Story

English Essay, Moral Story “You Are Priceless To Those Who Love You” for Kids and Children for Class...

Short Story

Hindi Moral Story "Hiteshi ka Ahit nhi krna chahiye", "हितैषी का अहित नहीं करना चाहिए” for Kids, Ful...

Children Story

English Inspirational Story “Don't Take People for Granted” Moral Story for kids and Students.

Moral Story

English Essay, Moral Story "The Rose Within” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10

Short Story

Moral Story "Cost of Saree " for Kids and Children, English Story for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, compe...

Children Story

About

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.