Home » Children Story » Hindi Moral Story “Sher aur Kishmish”, “शेर और किशमिश” for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

Hindi Moral Story “Sher aur Kishmish”, “शेर और किशमिश” for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

शेर और किशमिश

एक खूबसूरत गांव था। चारों ओर पहाड़ियों से घिरा हुआ। पहाड़ी के पीछे एक शेर रहता था। जब भी वह ऊंचाई पर चढ़कर गरजता था तो गांव वाले डर के मारे कांपने लगते थे। कड़ाके की ठंड का समय था। सारी दुनिया बर्फ से ढंकी हुई थी। शेर बहुत भूखा था। उसने कई दिनों से कुछ नहीं खाया था। शिकार के लिए वह नीचे उतरा और गांव में घुस गया।

वह शिकार की ताक में घूम रहा था। दूर से उसे एक झोपड़ी दिखाई दी। खिड़की में से टिमटिमाते दिए की रोशनी बाहर आ रही थी। शेर ने सोचा यहां कुछ न कुछ खाने को जरूर मिल जाएगा। वह खिड़की के नीचे बैठ गया।

झोपड़ी के अंदर से बच्चे के रोने की आवाज आई। ऊं…आं… ऊं…आं..। वह लगातार रोता जा रहा था। शेर इधर-उधर देखकर मकान में घुसने ही वाला था कि उसे औरत की आवाज आई- ‘चुप रहे बेटा। देखो लोमड़ी आ रही है। बाप रे, कितनी बड़ी लोमड़ी है? कितना बड़ा मुंह है इसका। कितना डर लगता है उसको देखकर।’ लेकिन बच्चे ने रोना बंद नहीं किया।

मां ने फिर कहा- ‘वह देखो, भालू आ गया… भालू खिड़की के बाहर बैठा है। बंद करो रोना नहीं तो भालू अंदर आ जाएगा’, लेकिन बच्चे का रोना जारी रहा। उसे डराने का कोई असर नहीं पड़ा।

खिड़की के नीचे बैठा शेर सोच रहा था- ‘अजीब बच्चा है यह! काश मैं उसे देख सकता। यह न तो लोमड़ी से डरता है, न भालू से।’

उसे फिर जोर की भूख सताने लगी। शेर खड़ा हो गया। बच्चा अभी भी रोए जा रहा था।

मां की आवाज आई-‘देखो… देखो…’शेर आ गया शेर। वह रहा खिड़की के नीचे।’ लेकिन बच्चे का रोना, फिर भी बंद नहीं हुआ। यह सुनकर शेर को बहुत ताज्जुब हुआ और बच्चे की बहादुरी से उसको डर लगने लगा। उसे चक्कर आने लगे और बेहोश-सा हो गया।

‘वह कैसे जान गई कि मैं खिड़की के पास हूं।’ शेर ने सोचा।थोड़ी देर बाद उसकी जान में जान आई और उसने खिड़की के अंदर झांका। बच्चा अभी भी रो रहा था। उसे शेर का नाम सुनकर भी डर नहीं लगा। शेर ने आज तक ऐसा कोई जीव नहीं देखा जो उससे न डरता हो। वह तो यही समझता था कि उसका नाम सुनकर दुनिया के सारे जीव डर के मारे कांपने लगते हैं, लेकिन इस विचित्र बच्चे ने मेरी भी कोई परवाह नहीं की। उसे किसी भी चीज का डर नहीं है। शेर का भी नहीं।

अब शेर को चिंता होने लगी। तभी मां की फिर आवाज सुनाई दी। ‘लो अब चुप रहो।

यह देखो किशमिश- बच्चे ने फौरन रोना बंद कर दिया। बिलकुल सन्नाटा छा गया।

शेर ने सोचा- ‘यह किशमिश कौन है? बहुत खूंखार होगा।’ अब तो शेर भी किशमिश के बारे में सोचकर डरने लगा। उसी समय कोई भारी चीज धम्म से उसकी पीठ पर गिरी। शेर अपनी जान बचाकर वहां से भागा। उसने सोचा कि उसकी पीठ पर किशमिश ही कूदा होगा।

असल में उसकी पीठ पर एक चोर कूदा था, जो उस घर में गाय-भैंस चुराने आया था। अंधेरे में शेर को गाय समझकर वह छत पर से उसकी पीठ पर कूद गया। डरा तो चोर भी। उसकी तो जान ही निकल गई जब उसे पता चला कि वह शेर की पीठ पर सवार है, गाय की पीठ पर नहीं।

शेर बहुत तेजी से पहाड़ी की ओर दौड़ा, ताकि किशमिश नीचे गिर पड़े, लेकिन चोर ने भी कसकर शेर को पकड़ रखा था। वह जानता था कि यदि वह नीचे गिरा तो शेर उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा। शेर को अपनी जान का डर था और चोर को अपनी जान का।

थोड़ी देर में सुबह का उजाला होने लगा। चोर को एक पेड़ की डाली दिखाई दी। उसने जोर से डाली पकड़ी और तेजी से पेड़ के ऊपर चढ़कर छिप गया। शेर की पीठ से छुटकारा पाकर उसने चैन की सांस ली।

शेर ने भी चैन की सांस ली- ‘भगवान को धन्यवाद मेरी जान बचाने के लिए। किशमिश तो सचमुच बहुत भयानक जीव है’ और वह भूखा-प्यासा वापस पहाड़ी पर अपनी गुफा में चला गया।

Related posts:

Short Story "Perceptive" for Children, moral story for kids in English for competition with moral va...

Children Story

English Short Moral Story “A Pound of Butter” Inspirational Story for Kids and Students of Class 5, ...

Moral Story

Hindi Moral Story "Kisi ke Haq pe Jabardasti Kabja na Kro", "किसी के हक पर जबरदस्ती कब्जा न करो” for...

Children Story

English Short, Moral Story “Lazy Rich Man Problem” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10...

Moral Story

English Short, Moral Story “Listening to Sound of Silence" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, ...

Moral Story

English Moral Story "Heard the thing" for Kids, Full length Educational Story for Students of Class ...

Children Story

Akbar-Birbal English Moral Story "Akbar is Greater than God" for Kids, Educational Story for Student...

Moral Story

Hindi Moral Story “Chinti aur Tota”, “चींटी और तोता” for Kids, Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

Children Story

English Short, Moral Story “The sage and the mouse" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 1...

Moral Story

English Short, Moral Story “What is Compassion?” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, ...

Moral Story

Hindi Moral Story "Bda Kaun”, बड़ा कौन” for Kids, Full length Educational Story for Students of Clas...

हिंदी कहानियां

Hindi Moral Story "Parampraon Ka Jaal", "परम्पराओं का जाल” for Kids, Full length Educational Story f...

Children Story

English Short, Moral Story “Dropping Dead Weight" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10,...

Moral Story

Hindi Moral Story "Tyag kiska Bda", "त्याग किसका बड़ा” for Kids, Full length Educational Story for S...

Children Story

English Short, Moral Story “The Brave Little Boy" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10,...

Moral Story

English Short, Moral Story “You're Far More Precious than Diamonds and Pearls” for Kids and Children

Short Story

English Short, Moral Story “Who bell The Cat?" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, co...

Moral Story

Short Story "Understand Your Anger" for Children, moral story for kids in English for competition wi...

Children Story

English Short Moral Story “Baby Camel and Mother” Inspirational Story for Kids and Students of Class...

Moral Story

Hindi Moral Story "Karya Se Pehle Uska Anjaam Socho, "कार्य से पहले उसका अंजाम सोचो” for Kids, Full ...

Children Story

About

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.