सुखस्य मूलं धर्मः Sukhsay mool dharma फारस के बादशाह नौशेरवाँ-ए-आदिल अपनी न्यायप्रियता एवं दयालुता के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके पिता कोबाद अपना पारसी धर्म त्यागकर मजदक नामक एक पाखंडी द्वारा चलाए गए मजदकी धर्म के अनुयायी हो गए थे। इस धर्म का सिद्धांत था-संसार की...
Hindi Moral Story “Sukhsay mool dharma” “सुखस्य मूलं धर्मः” Best Motivational Story of “Nausherwan-E-Adil”.
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