Home » Children Story » Hindi Moral Story “Kathputli ka Naach”, “कठपुतली का नाच” for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

Hindi Moral Story “Kathputli ka Naach”, “कठपुतली का नाच” for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

कठपुतली का नाच

Kathputli ka Naach

छत्रपुर के ठाकुर रणवीर सिंह की उदारता और न्याय से सब जनता भली भाँति परिचित थी। उन के दीवान करम चन्द का तो बस कहना ही क्या। उनकी चतुरता और ज्ञान का सब को पता था। दीवानजी छत्रपुर के सारे काम-काज को देखते थे। उनके होते हुए ठाकुर रणवीर सिंह को किसी भी तरह की फ़िक्र नहीं था। रणवीर सिंह दीवान जी को बहुत मानते थे और हर बात में उनकी सलाह लेते थे। रियासत बहुत बड़ी थी इस लिये दीवानजी को काफ़ी घूमना फिरना पड़ता था। निश्चय है कि दीवानजी की तनख्वाह भी काफ़ी थी। ठाकुर साहिब के निजी नौकर सुन्दर के इलावा सारी जनता दीवानजी को बहुत मान देती थी। सुन्दर को सदा यही शिकायत रहती थी कि वो ठाकुर साहिब की सेवा में सदा लगा रहता है मगर उसको दीवानजी से बहुत कम पैसे मिलते हैं। यह बात रह रहकर उसको परेशान करती थी। एक दिन ठाकुर साहिब अपनी रियासत का दौरा करने निकले। उनके साथ सुन्दर भी था। अकेले में मौका पाकर सुन्दर ने अपने दिल की बात ठाकुर साहिब से कही और विनती की कि उसको भी दीवानजी के बराबर तनख्वाह मिलनी चाहिए। रणवीर सिंह ने सुन्दर की बात बहुत ध्यान से सुनी और कहा कि “तुम ठीक कहते हो सुन्दर, तुम्हारी बात पर हम घर जाकर फ़ैसला करेंगे”। इतने में कुछ शोर शराबे की आवाज़ सुनाई पड़ी। ठाकुर साहिब ने सुन्दर को कहा कि वो जाकर देखे कि शोर कैसा है। सुन्दर भागा हुआ गया और आकर बताया कि वो बंजारे हैं। “वो तो ठीक है, मगर वो कहाँ से आए हैं”, ठाकुर साहिब ने पूछा। सुन्दर फिर भाग कर गया और आकर बोला कि वो राजस्थान से आए हैं।

“वो कौन लोग हैं ज़रा पता तो लगाओ”, ठाकुर साहिब ने फिर पूछा। सुन्दर फिर भाग कर गया और आकर बताया कि वो कठपुतली वाले हैं। “वो यहाँ क्या करने आएँ हैं”, ठाकुर साहिब ने फिर प्रश्न किया। सुन्दर फिर भाग कर गया और आकर बताया कि वो कठपुतली का नाच दिखाने आए हैं। “सुन्दर, जाकर पता तो करो कि क्या ये लोग आज रात को हमें पुतली का नाच दिखाएँगे।” सुन्दर फिर भागा गया और आकर बताया कि वो लोग आज रात को पुतली का नाच दिखाएँगे। अब तक सुन्दर थक चुका था और उसको समझ नहीं आरहा था कि ठाकुर साहिब ये सब क्यों कर रहे हैं। छोटी छोटी बातों को लेकर उसे क्यों परेशान कर रहे हैं। इतने में दीवनजी आये और ठाकुर साहिब ने उनको भी यही सवाल किया कि वो जाकर देखें कि शोर कैसा है। दीवानजी गए और थोड़ी देर में आकर बताया कि ये लोग राजस्थान के बनजारे हैं, कठपुतली का नाच कराते हैं। सुना है कि ये लोग अपने काम में बहुत माहिर हैं, इसी लिए मैं ने इनसे कहा है कि आज रात को ये यहाँ पर आपको अपनी कला का प्रदर्शन दिखाएँ। सुन्दर ये सब देख रहा था। इस से पहले कि ठाकुर साहिब कुछ कहें उस को अपनी गलती का एहसास हो गया। वो हाथ जोड़ कर खड़ा हो गया और बोला, “अन्नदाता आज आपने मेरी आँखें खोल दी। मैं जहाँ भी हूँ और जैसा भी हूँ ठीक हूँ। बिना किसी कारण मैं ने दीवान जी की शान में ग़लत सोचा। इस बात की मैं क्षमा चाहता हूँ।

Related posts:

English Short, Moral Story “The Clever Crab" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, comp...

Moral Story

English Short, Moral Story “The Manager" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, competit...

Moral Story

English Moral Story "Thomas Edison" for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5,...

Children Story

English Short, Moral Story “Self Appraisal” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, compe...

Children Story

Short Story "The Stranger in the Garden" for Children, moral story for kids in English for competiti...

Children Story

English Short, Moral Story “Weakness or Strength” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10,...

Short Story

Akbar-Birbal English Moral Story "List of blinds" for Kids, Educational Story for Students of class ...

Moral Story

English Short, Moral Story “Delicacy of Feeling" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, ...

Moral Story

Hindi Moral Story "Patni Kiski Ho", "पत्नी किसकी हो” for Kids, Full length Educational Story for Stu...

Children Story

English Short, Moral Story “Keep Your Dream” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, comp...

Children Story

English Short, Moral Story “Elephants and a Rope" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10,...

Moral Story

Hindi Moral Story "Iswar deta Hai", "ईश्वर देता है” for Kids, Full length Educational Story for Stud...

Children Story

English Short, Moral Story “Two Brave Women" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, comp...

Moral Story

Hindi Moral Story "Yogi Kyun Roya fir Kyun Hansa", "योगी क्यों रोया फिर क्यों हँसा” for Kids, Full l...

Children Story

Hindi Moral Story "Tedhi Kheer”, “टेढ़ी खीर” for Kids, Full length Educational Story for Students of...

Children Story

English Essay, Moral Story “The Game of Chance” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, c...

Short Story

English Short, Moral Story “Son of a Merchant" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, co...

English Story

English Short, Moral Story “The Donkey on Wheels" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10,...

Moral Story

Hindi Moral Story "Bda Kaun”, बड़ा कौन” for Kids, Full length Educational Story for Students of Clas...

हिंदी कहानियां

English Short, Moral Story “Solution to Problems" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10,...

Children Story

About

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.