Home » हिंदी कहानियां » Hindi Moral Story “Teen Putle”, “तीन पुतले” for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

Hindi Moral Story “Teen Putle”, “तीन पुतले” for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5, 6, 7, 8, 9, 10.

तीन पुतले

महाराजा चन्द्रगुप्त का दरबार लगा हुआ था। सभी सभासद अपनी अपनी जगह पर विराजमान थे। महामन्त्री चाणक्य दरबार की कार्यवाही कर रहे थे। महाराजा चन्द्र्गुप्त को खिलौनों का बहुत शौक था। उन्हें हर रोज़ एक नया खिलौना चाहिए था। आज भी महाराजा के पूछने पर कि क्या नया है; पता चला कि एक सौदागर आया है और कुछ नये खिलौने लाया है। सौदागर का ये दावा है कि महाराज या किसी ने भी आज तक ऐसे खिलौने न कभी देखें हैं और न कभी देखेंगे। सुन कर महाराज ने सौदागर को बुलाने की आज्ञा दी। सौदागर आया और प्रणाम करने के बाद अपनी पिटारी में से तीन पुतले निकाल कर महाराज के सामने रख दिए और कहा कि अन्नदाता ये तीनों पुतले अपने आप में बहुत विशेष हैं। देखने में भले एक जैसे लगते हैं मगर वास्तव में बहुत निराले हैं। पहले पुतले का मूल्य एक लाख मोहरें हैं, दूसरे का मूल्य एक हज़ार मोहरे हैं और तीसरे पुतले का मूल्य केवल एक मोहर है। सम्राट ने तीनों पुतलों को बड़े ध्यान से देखा। देखने में कोई अन्तर नहीं लगा, फिर मूल्य में इतना अन्तर क्यों? इस प्रश्न ने चन्द्रगुप्त को बहुत परेशान कर दिया। हार के उसने सभासदों को पुतले दिये और कहा कि इन में क्या अन्तर है मुझे बताओ। सभासदों ने तीनों पुतलों को घुमा फिराकर सब तरफ से देखा मगर किसी को भी इस गुत्थी को सुलझाने का जवाब नहीं मिला। चन्द्रगुप्त ने जब देखा कि सभी चुप हैं तो उस ने वही प्रश्न अपने गुरू और महामन्त्री चाणक्य से पूछा। चाणक्य ने पुतलों को बहुत ध्यान से देखा और दरबान को तीन तिनके लाने की आज्ञा दी। तिनके आने पर चाणक्य ने पहले पुतले के कान में तिनका डाला। सब ने देखा कि तिनका सीधा पेट में चला गया, थोड़ी देर बाद पुतले के होंठ हिले और फिर बन्द हो गए। अब चाणक्य ने अगला तिनका दूसरे पुतले के कान में डाला। इस बार सब ने देखा कि तिनका दूसरे कान से बाहर आगया और पुतला ज्यों का त्यों रहा। ये देख कर सभी की उत्सुकता बढ़ती जा रही थी कि आगे क्या होगा। अब चाणक्य ने तिनका तीसरे पुतले के कान में डाला।

सब ने देखा कि तिनका पुतले के मुँह से बाहर आगया है और पुतले का मुँह एक दम खुल गया। पुतला बराबर हिल रहा है जैसे कुछ कहना चाहता हो। चन्द्रगुप्त के पूछ्ने पर कि ये सब क्या है और इन पुतलों का मूल्य अलग अलग क्यों है, चाणक्य ने उत्तर दिया। राजन, चरित्रवान सदा सुनी सुनाई बातों को अपने तक ही रखते हैं और उनकी पुष्टी करने के बाद ही अपना मुँह खोलते हैं। यही उनकी महानता है। पहले पुतले से हमें यही ज्ञान मिलता है और यही कारण है कि इस पुतले का मूल्य एक लाख मोहरें है। कुछ लोग सदा अपने में ही मग्न रहते हैं। हर बात को अनसुना कर देते हैं। उन्हें अपनी वाह-वाह की कोई इच्छा नहीं होती। ऐसे लोग कभी किसी को हानि नहीं पहुँचाते। दूसरे पुतले से हमें यही ज्ञान मिलता है और यही कारण है कि इस पुतले का मूल्य एक हज़ार मोहरें है। कुछ लोग कान के कच्चे और पेट के हलके होते हैं। कोई भी बात सुनी नहीं कि सारी दुनिया में शोर मचा दिया। इन्हें झूठ सच का कोई ज्ञान नहीं, बस मुँह खोलने से मतलब है। यही कारण है कि इस पुतले का मूल्य केवल एक मोहर है। यही ज्ञान लो तुम इन पुतलों से इन्सान को तुम पहचानो ज़रा अन्दर से कुछ, बाहर से कुछ इस भेद को तुम अपनाओ ज़रा

Related posts:

English Inspirational Story “Serve Your Brethren” Moral Story for kids and Students.

Moral Story

Hindi Moral Story "Sab Dhan Dhuri Samaan" "सब धन धूरि समान" Best Motivational Story of "Maharana Ran...

Story

English Essay, Moral Story "The Rose Within” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10

Short Story

English Short, Moral Story “The Power of Silence" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10,...

Moral Story

English Essay, Moral Story “The Selfish Man” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, comp...

Short Story

English Short, Moral Story “The bird with two heads" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, ...

Moral Story

Hindi Moral Story "Bhagya me Jaisa Likha Hota hai Waise hi Hota Hai, "भाग्य में जैसा लिखा होता है वै...

Children Story

English Short, Moral Story “Delicacy of Feeling" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, ...

Moral Story

English Short, Moral Story “Rich Lady and Little Kid” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9,...

Moral Story

Akbar-Birbal Hindi Moral Story "Pair aur Chappal", "पैर और चप्पल" for Kids, Educational Story for St...

Children Story

English Short, Moral Story “The Washerman’s Donkey" for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 1...

Moral Story

English Short, Moral Story “The Milkmaid” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, competi...

Short Story

Akbar-Birbal Hindi Moral Story "Jeet Kiski", "जीत किसकी" for Kids, Educational Story for Students of...

Children Story

English Moral Story "Favour" for Kids, Full length Educational Story for Students of Class 5, 6, 7, ...

Children Story

Hindi Moral Story "Santosh ka Fal”, "संतोष का फल” for Kids, Full length Educational Story for Studen...

Children Story

English Inspirational Story “Listening to Your Inner Dialogue” Moral Story for kids and Students.

Moral Story

English Short Moral Story “The Greedy Lion” for Kids and Children, Essay for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10...

Children Story

English Inspirational Story “Change Your Attitude, Change Your Life” Moral Story for kids and Studen...

Moral Story

English Short, Moral Story “Lazy Farmer” for Kids and Children for Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, compet...

Moral Story

Hindi Moral Story "Jaise ko Taisa", "जैसे को तैसा” for Kids, Full length Educational Story for Stude...

Children Story

About

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.